होमस्वास्थ्यआर्थराइटिस

आर्थराइटिस

Arthritis: आर्थराइटिस एक जोड़ों की बीमारी है जिसमें जोड़ों की स्थिरता कम हो जाती है और जोड़ों में दर्द और सूजन होती है। यह एक गंभीर स्थिति है जो आम तौर पर बढ़ती उम्र वाले लोगों में देखी जाती है, लेकिन कई बार युवा भी इस समस्या से प्रभावित हो सकते हैं। आर्थराइटिस के कई प्रकार होते हैं जैसे कि ऑस्टियोआर्थराइटिस, रीउमेटॉयड आर्थराइटिस, गठिया आर्थराइटिस आदि।

ऑस्टियोआर्थराइटिस सबसे सामान्य आर्थराइटिस है जो जोड़ों की चिकनाहट को बढ़ाता है और उनमें दर्द और स्थिरता का कारण बनता है। रीउमेटॉयड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून स्थिति है जिसमें शरीर के अंग्रेजी सिस्टम अपने ही ऊर्जा को क्षति पहुंचाने लगता है जिससे जोड़ों में सूजन और दर्द होता है। गठिया आर्थराइटिस को गठिया कहा जाता है और इसमें जोड़ों की प्रदाह की स्थिति होती है जिससे दर्द और स्थिरता होती है।

आर्थराइटिस से परेशानियां

आर्थराइटिस से व्यक्ति को विभिन्न प्रकार की परेशानियाँ हो सकती हैं। इसमें जोड़ों में दर्द, सूजन, और गठिया की अवस्था हो सकती है। यह रोग व्यक्ति की चलने, बैठने, उठने और दिनचर्या को प्रभावित कर सकता है। अधिक गंभीर मामलों में, यह रोग जोड़ों को बिगाड़ सकता है और दिनचर्या को पूरी तरह से प्रभावित कर सकता है।

क्यों होता है आर्थराइटिस

आर्थराइटिस एक जोड़ों की समस्या है जिसमें जोड़ों की स्थिति खराब हो जाती है और इससे दर्द और सूजन होती है। यह कई कारणों से हो सकता है, जैसे ज्वर, अंतर्वाहिक संक्रमण, असावधानीपूर्ण खान-पान, या पुराने चोट की वजह से। अधिकतर आर्थराइटिस उम्रदराज से जुड़ा होता है, लेकिन कई बार यह युवावस्था में भी हो सकता है।

आर्थराइटिस के कई प्रकार होते हैं, जैसे ओस्टिओआर्थ्राइटिस (हड्डियों की कमजोरी), रीउमेटॉयड आर्थराइटिस (आत्मसंकरण के खिलाफ रोग), गठिया आर्थराइटिस (जोड़ों की सुजान), आदि। इन प्रकारों में रोग के लक्षण और उपचार भिन्न होते हैं।

आर्थराइटिस होने की उम्र

आर्थराइटिस किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन यह अधिकतर बड़े वयस्कों में देखा जाता है। यह रोग ज्यादातर 40 वर्ष की उम्र के बाद व्यक्ति में दिखाई देने लगता है, लेकिन कई बार यह युवा व्यक्तियों और बच्चों में भी हो सकता है। युवा वयस्कों में जोड़ों की गठिया (रीयुमेटॉयड आर्थराइटिस) हो सकती है, जो उनकी उम्र के हिसाब से असामान्य हो सकती है।

आर्थराइटिस के लक्षण

आर्थराइटिस के लक्षण व्यक्ति के जोड़ों में स्थायी दर्द, सुजान, और स्थिरता की समस्या के रूप में प्रकट हो सकते हैं। यह दर्द आम तौर पर सुबह या रात को अधिक हो सकता है और इसके साथ ही जोड़ों की स्थिरता की समस्या भी हो सकती है। इसके अतिरिक्त, जोड़ों की गर्मी, लालिमा, और सूजन भी हो सकती है।

अन्य लक्षण शामिल हो सकते हैं:

1. जोड़ों की स्थिरता और कम चलने की क्षमता
2. जोड़ों की गर्मी और सूजन
3. जोड़ों में क्रक या क्रिस्पी आवाज
4. जोड़ों की दर्द और चिढ़चिढ़ाहट
5. जोड़ों की दुर्बलता या अजीब महसूस होना

आर्थराइटिस का इलाज

आर्थराइटिस का कोई मुख्य इलाज नहीं है, लेकिन उपयुक्त उपचार और उपाय से लक्षणों को कम किया जा सकता है और रोग को नियंत्रित किया जा सकता है।

कुछ उपाय शामिल हो सकते हैं:

1. दवाइयां: चिकित्सक द्वारा दी गई दवाइयां दर्द को कम करने और सुजान को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं।
2. व्यायाम: नियमित व्यायाम जोड़ों की स्थिरता को कम कर सकता है और मांसपेशियों को मजबूत बना सकता है।
3. वजन नियंत्रण: वजन कम करना जोड़ों पर दबाव को कम कर सकता है।
4. उचित आहार: स्वस्थ आहार आर्थराइटिस के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है।

RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

- Advertisment -
Sidebar banner

Most Popular

Recent Comments