Monday, May 20, 2024
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चरी (Chari) की खेती किसानों के लिए बेहद फायदेमंद

मोटी कमाई (Chari) के साथ पशुओं में बढ़ेगी दूध उत्पादन की क्षमता

पशु पालन में एक बड़ी समस्या होती है वो होती है चरी (Chari) की, पशुपालक के लिए चारा इतनी बड़ी समस्या है की वो अपने पशु को खुला छोड़ देते है जिससे आवारा पशुओं की संख्या बढ़ती चली जा रही है, इतना ही नहीं।
लगभग 54 करोड़ मवेशियों वाले इस देश में यह एक बड़ी समस्या है जिसका हल निकालने में सरकार भी असफल रही है किसान सत्ता हमेशा किसान भाइयों को वो जानकारी उपलब्ध कराता है जिससे वो अपने समस्या का समाधान कर सके ।

बाजार में उपलब्ध दूध वर्धक बहुत बार पशु (गाय/भैस ) के लिए नुकसानदायक भी होती है ऐसी परिस्थिति में यह बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है की आप प्राकृतिक चरी (Chari) का उपयोग करे आज हम आपको बताते है की आप चारा की फसल कैसे लगाए। चारा की फसल में नाइट्रोजन / फास्पोरस की प्रयाप्त मात्रा होनी चाहिए इसके लिए जरुरी है की चरी (Chari) की खेती व्यवस्थित तरीके से करे।

यह भी पढ़िए: Vertical Farming: बिना जमीन के भी कर सकते है खेती

सबसे ज्यादा दूध उत्पादक हाथी चरी (Chari) का उपयोग करते है इसकी प्रमुख वजह है की इसे पुरे साल उगाया जा सकता है और इसको खुले जगह में उगाया जा सकता है और इसके लिए मिट्टी का बहुत उपजाऊ होना भी जरुरी नहीं अगर आपके पास सिचाई की व्यवस्था है तो आप इसे अप्रैल मई जून में भी लगा सकते है अगर सिचाई व्यवस्था नहीं है तो इसे आप मानसून के सीजन में लगाए। आप इसकी कटाई साल भर में 6 से 8 बार कर सकते है ।

इसके अलावा आप त्रिशंकर घास को भी चारा के लिए उपयोग कर सकते है, त्रिशंकर घास की बढ़ने की क्षमता बहुत तेज होती है और नेपियर घास की तरह यह भी एक अच्छी किश्म की घास है , अगर आपके पास खेत की कमी है तो आप इसकी रोपाई खेत के मेड़पर भी कर सकते है ।


इसके अलावा आप गिनी घास ( Guinea Grass ) को भी चारे के लिए उपयोग कर सकते है , एक और वैरायटी है जो बहुत उपयोगी है पैरा घास (Paira Grass) आप दलदलीय इलाको में इसकी खेती कर सकते है , यह धान की तरह पानी में उगने वाला चारा है इसकी कटाई आप 60 दिन में कर सकते है।

एक और वैरायटी है स्टाइलो घास ( Stielo Grass ) जिसका उपयोग आप कर सकते है 12 महीने उगने वाले इस घास की खासियत है इसमें प्रोटीन की प्रचुर मात्रा होना जो आपके पशु के स्वास्थ के लिए बेहद उपयोगी है, 20% प्रोटीन के साथ यह चारा अपनी एक अलग पहचान रखता है।


पशुपालक लोबिया घास ( Lobia Grass ) की भी खेती कर सकते है नाइट्रोजन से भरपूर इस घास को आप उपयोग कर सकते है एक एकड़ खेत में आप 18 किलोग्राम बीज का उपयोग कर सकते है। लोबिया घास की कतई आप 50 दिन बाद कर सकते है।

मखन्न घास (Makhan Grass) भी एक बहुत बढ़िया चारा है जिससे पशु की दुग्ध देने की क्षमता बहुत बढ़ जाती है , इसके लिए आपको मखन्न घास की बीजो की रुपाई कर सकते है, इस घास की सबसे बड़ी खासियत है की किसान इसे समय से पहले भी कटाई कर सकते है मतलब चारा को 60 दिन से पहले भी कटाई करके खिला सकते है और चारा फिर से बढ़ना शुरू हो जाता है , मुख्य रूप से जो लोग डेयरी का व्यापार कर रहे है उनके लिए बहुत काम का चारा है।

इन सभी चरी (Chari) की खेती के लिए आपको ज्यादा सतर्कता की जरुरत नहीं इतना ही नहीं आप इसे अपने पशुओं को चरने के लिए भी दे सकते है।

 

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