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सेंगोल पर कांग्रेस नेता का बड़ा बयान

18वीं लोकसभा के गठन के उपरांत देश में जहां एक तरफ नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में तीसरी बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनी है तो वहीं संख्या बल के दृष्टिकोण से INDIA ब्लॉक भी लोकसभा में पूर्व की अपेक्षा काफी मजबूत हुआ है और INDIA ब्लॉक की तरफ से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को विपक्ष का नेता भी चुन लिया गया है! सभी नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण भी हो चुका है, शपथ ग्रहण में देश ने यह देखा कि अलग-अलग धर्म में आस्था रखने वाले सांसदों ने शपथ ग्रहण के बाद विभिन्न प्रकार के जयघोष किए ! किसी ने जय श्री राम, किसी ने हर हर महादेव, किसी ने राधे-राधे, तो किसी ने जय संविधान का जयघोष किया ! इन सब नारेबाजी को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोंक-झोंक भी देखने को मिली ! वहीं जब बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव शपथ लेने आए तो उन्होंने भी Reneet समेत कई नारे लगाए, पप्पू यादव को भी सत्ता पक्ष के मंत्रियों ने सही समय, सही जगह न होने पर आपत्ति जताई ! जिस पर पप्पू यादव ने प्रोटेम स्पीकर के पास खड़े होकर ही कहा “मुझे मत सिखाओ छठी बार का सांसद हूं, आप कृपा पर जीत कर आते हो, मैं अपने दम पर जीत कर आता हूं” तो वहीं इन सब तमाम तरह की चर्चाओं के बीच सदन में सेंगोल को लेकर भी सत्ता और विपक्ष में विवाद चल रहा है जहां सत्ता पक्ष सेंगोल को लेकर सकारात्मक रुख अख्तियार कर रहा है तो वहीं विपक्ष की तरफ से इस पर लगातार तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में विपक्ष के उप नेता प्रमोद तिवारी ने सेंगोल को लेकर एक बड़ा बयान दिया है, उन्होंने कहा कि सदन के अंदर सेंगोल का होना आवश्यक नहीं है, क्योंकि सेंगोल तो राजशाही में हुआ करता था, प्रजातंत्र में संविधान का महत्व है और लोकतंत्र के मंदिर में सेंगोल के स्थान पर वहां पर संविधान होना चाहिए ! प्रमोद तिवारी के इस बयान को लेकर सियासत भी तेज हो गई ।

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