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AI से किन किन सेक्टर में है जॉब का खतरा

AI को लेकर सबके दावे अलग अलग है, कोई इसे जॉब देने वाली टेक्नोलॉजी बता रहा है तो कोई जॉब छीनने वाली टेक्नोलॉजी। आईये जानते है की AI से किन किन सेक्टर में है जॉब का खतरा।

AI से इन सेक्टर्स में है जॉब का खतरा

एक समय ऐसा था जब किसी जानकारी के लिए किताबों को खोलना पड़ता था। फिर इंटरनेट की एक क्रांति आई और उसने किताबों की जगह इंटरनेट ने ले ली जो भी जानकारी चाहिए वह आज इंटरनेट पर मिल जाती है । लेकिन अब आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस (AI) का जमाना आ गया है।

हर तरफ सिर्फ AI की बात हो रही है, पिछले साल नवंबर में ChatGPT लॉन्च हुआ, जो ऑनलाइन एक चैटबॉट है । इससे बात की जा सकती है। यह आपको स्क्रिप्ट, कहानियां और कविताएं लिखने में मदद करता है इतना ही नहीं पॉवरपॉइंट प्रजेंटेशन भी बना सकते है। इतना ही नहीं जब इससे कोई भी जानकारी मांगी जाती है तो ऐसा लगता है जैसे कोई इंसान वह जानकारी दे रहा है।

टेक्नोलॉजी नई नौकरियां बनाती है तो पुरानी पर खतरा भी मंडराता है। रीसर्च के मुताबिक 47 फीसदी नौकरियां अगले 20 साल में AI छीन लेगा। इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक इसमें इंसानों का सुपरविजन होगा। आइए जानते हैं ऐसे ही नौकरियों के बारे में जिनमें इंसानों की जगह AI ले सकता है।

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टेक्नोलॉजी की नौकरियां

आज के समय प्रोग्रामिंग और कोडिंग हाई डिमांड जॉब्स हैं। लेकिन संभव है कि भविष्य में AI इन्हें करने लगे। तब सॉफ्टवेयर डेवलपर की एक बड़ी टीम की आवश्यक्ता नहीं होगी।

वैसे भी CMS टूल ने एक बड़ा वर्ग अपने अधीन कर रखा है ऐसी परिस्थति में बहुत सरे प्रोग्रामर का काम कम हो सकता है। IT इंडस्ट्री पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ें वाला है लेकिन राहत की बात है की कोर प्रोग्रामर की डिमांड बानी रहेगी।

मीडिया

मीडिया में एक बड़ा तबका है जो आर्टिकल लिखत है किसी भी टॉपिक पर एडिटोरियल लिखता है इन सभी टॉपिक पर चैट जीपीटी आर्टिकल लिख सकता है। इंसानों से ज्यादा तेजी से यह स्क्रिप्ट लिख सकता है। ऐसे में विज्ञापन, टेक्निकल राइटिंग, जर्नलिज्म और कंटेट क्रिएशन से जुड़ी नौकरियों पर खता मंडरा सकता है।

हलाकि फिल्म आदि की स्क्रिप्ट लिखने वाले पर इसका असर नहीं पड़ेगा क्योकि वहा सीचुएशनल राइटिंग होती है।
लीगल इंडस्ट्री में ड्राफ्टिंग का बड़ा रोल होता है ऐसी परिस्थिति में AI का असर वह देखने को मिल सकता है लेकिन इसका असर जॉब पर नहीं पड़ेगा, लीगल रिसर्च में इसकी मदद ली जा सकती है।

मार्केट रिसर्च और काल सेंटर

मार्केट रिसर्च और काल सेंटर में इसका दखल देखने को मिलेगा क्योकि AI की मदद से भविष्यवाणी की जा सकती है जिसका असर मार्केट रिसर्च पर पड़ेगा, इतना ही नहीं कॉल सेंटर में तो बहुत सारी कंपनियां इसका उपयोग कर रही है, इससे ऑटोमटेड कॉल से लेकर प्रोडक्ट की जानकारी में लाभ मिल रहा है।

प्रशिक्षण

AI का सबसे ज्यादा असर प्रशिक्षण क्षेत्र में पड़ेगा लेकिन यहाँ इंडिया में राहत की बात यह है की हमारे यहाँ आज भी ऑफलाइन प्रशिक्षण को वरीयता दी जाती है, आप देखेंगे की कोविड के दौरान बहुत सारे ऑनलाइन टूल सामने आये थे जैसे बाईजूज इत्यादि जिनका मार्केट अब बहुत डाउन हो चूका है, वजह बिलकुल साफ़ है की लोग अपने बच्चो को फिजिकल ऑफलाइन में मोड में स्टडी करवाना चाहते है , हां AI की मदद रिसर्च में ली जा सकती है

ग्राफ़िक डिजाइनिंग

ग्राफ़िक डिजाइनिंग में बहुत ज्यादा असर डालने वाला है AI डाल-ई (DALL-E) टूल चैट जीपीटी की तरह आपके एक आर्डर पर आपको ग्राफ़िक बनाकर दे देगा, लेकिन एक लेवल के बाद ह्यूमन सुपरविज़न की जरुरत पड़ेगी

कुल मिला जलाकर AI के आने से दोनों ही पक्ष मजबूत हुआ है मतलब जॉब सम्भावनाये बढ़ी है तो साथ ही घटे भी है, यहाँ वही स्थिति सामने है जो कुछ दसक पहले राजीव गाँधी के समय था जब कंप्यूटर को लाने का विरोध तमाम राजनीतिक दलों ने किया था की बेरोजगारी बढ़ जाएगी लेकिन आज आप देख सकते है की कंप्यूटर का हमारे आर्थिक मजबूती में कितना बड़ा योगदान है।

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