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क्या अन्तर्द्वन्द में INDI गठबंधन NDA को दे पाएगा मात ?

देश की राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में आज INDI गठबंधन की महारैली का आयोजन किया गया इस महारैली को सफल बनाने के लिए विभिन्न प्रदेशों के क्षेत्रीय राजनीतिक दल सहित कांग्रेस पार्टी के तमाम दिग्गज नेता एकजुटता का संदेश देते हुए संयुक्त रूप से मंच साझा करते हुए नजर आए तथा विभिन्न प्रदेशों से अलग-अलग दलों के नेता व कार्यकर्ता जो रामलीला मैदान में देश की सत्ता पर काबिज भाजपा के विरोध में एकत्रित हुए इसमें शिरकत करने के लिए विपक्षी दलों के नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, एनसीपी (शरद गुट)के प्रमुख शरद पवार , कांग्रेस नेता राहुल गांधी , नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला , पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती , सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व कथित शराब घोटाले में ईडी की हिरासत में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल , कथित घोटाले में आरोपी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना मुर्मू सोरेन सहित कई अन्य नेताओं ने शिरकत की व मौजूद लोगों को संबोधित किया सभी विपक्षी नेताओं ने सत्ता पक्ष पर तीखे हमले किए !
सभी ने एक स्वर में देश में बढ़ती बेरोजगारी , महंगाई , भ्रष्टाचार , व कानून व्यवस्था को लेकर सत्ताधारी भाजपा पर निशाना साधा व जनता से आह्वान किया कि जिन लोगों ने सत्ता में आने से पहले अच्छे दिन का वादा किया था वह अच्छे दिन तो नहीं ला सके किंतु आम आदमी के बुरे दिन जरूर ले आए हैं सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में कहा कि अबकी बार 400 पार का नारा देने वाली बीजेपी द्वारा बेबुनियाद और जनता को गुमराह करने के लिए दिया गया है तो वहीं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी और एनडीए का यह 400 पार का नारा एक मैच फिक्सिंग है जिस दिन ईवीएम व मीडिया को सत्ताधारी बीजेपी दबावमुक्त कर देगी उस दिन 180 सीटें भी नहीं जीत पाएगी !
इसी तरह से सभी विपक्षी नेताओं ने मौजूदा सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर खूब निशाना साधा और आगामी 2024 के लोकसभा आम चुनाव में बीजेपी और एनडीए को सत्ता से बाहर करने की अपील की !
रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की महारैली में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी वाले पोस्टर को मंच के आसपास लगाने पर कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने आपत्ति जताई!
ऐसे में यह एक यक्ष प्रश्न है क्या इंडिया गठबंधन में ऐ कैसी एकजुटता है अपने सहयोगी दलों से नाराजगी और अंतर्विरोधों के चलते क्या इंडिया गठबंधन एनडीए को शिकस्त दे पाएगा?
तो वही देश का एक बड़ा वर्ग आज इस बात को लेकर चिंतनशील है कि दिल्ली सहित पंजाब में सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी जिसका प्रादुर्भाव अन्ना आंदोलन के भ्रष्टाचार मुक्त भारत के स्लोगन के साथ हुआ था ! विदित हो कि उस वक्त केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी किंतु आज सूरत-ए-हाल कुछ और है जिस कांग्रेस को भ्रष्टाचार युक्त बताते हुए आम आदमी पार्टी ने दो राज्यों में अपनी सरकार बनाई उसी कांग्रेस के साथ इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनकर किस तरह के भ्रष्टाचार मुक्त भारत की बात करती है आज के समय में देश के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा खूब चल रही है!
तो वहीं एनडीए व भाजपा नेताओं का यह कहना है कि पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने वाली आम आदमी पार्टी दिल्ली में संयुक्त महारैली का हिस्सा रहती है और पश्चिम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ने वाली टीएमसी के नेता भी दिल्ली की महारैली का हिस्सा हैं तो इससे एनडीए गठबंधन पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है देश जानता है कि यह सब दल स्वार्थ बस एक है !
ऐसे में कांग्रेस पार्टी और इंडिया गठबंधन के अन्य दलों को इसका हल निकालना है कि क्या इस प्रकार की एकजुटता और अनेक सवालों के बीच क्या वह एनडीए को शिकस्त दे पाएंगे या फिर उनकी यह कोशिश नाकाम साबित होगी !

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