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उत्तर प्रदेश में अखिलेश के बाद क्या मायावती को भी साथ लेगी कांग्रेस?

देश में लोकसभा चुनाव (loksabha election) 2024 संपन्न हो चुके हैं ऐसे में उत्तर प्रदेश की राजनीति में INDIA ब्लॉक के घटक दल कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी व तृणमूल कांग्रेस ने मिलकर उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ा था।

क्या इस लोकसभा चुनाव (loksabha election) के बाद मायावती को भी साथ लेगी कांग्रेस पार्टी?

इस बार के लोकसभा चुनाव (loksabha election) में INDIA ब्लॉक को उत्तर प्रदेश से कुल 43 सीटें मिली, किंतु कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती को लेकर एक टिप्पणी की दरअसल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी का कहना है कि कांग्रेस पार्टी की तरफ से बहुजन समाज पार्टी के लिए INDIA ब्लॉक के दरवाजे हमेशा से खुले रहे हैं।

Congress Party Will Help Mayawati

किंतु बसपा सुप्रीमो ने गठबंधन का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया था और लोकसभा चुनाव के समय उन्होंने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया इसके बाद नतीजा सबके सामने है, साल 2019 के लोकसभा चुनाव (loksabha election) में 10 सीटों पर जीत हासिल करने वाली बसपा इस बार के चुनाव में अपना खाता भी नहीं खोल पाई।

और हम यह दावे के साथ कह सकते हैं कि बहुजन समाज पार्टी अगर INDIA ब्लॉक का हिस्सा होती तो हम उत्तर प्रदेश से 16 सीटें और जीत सकते थे इन 16 सीटों पर जहां INDIA ब्लॉक के प्रत्याशी चुनाव हारे हैं वहां पर बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी को हार के अंतर से अधिक वोट मिला है ऐसे में अगर बसपा सुप्रीमो INDIA ब्लॉक का हिस्सा होती तो गठबंधन उत्तर प्रदेश में 16 सीटें और जीतने में सफल होता।

विदित हो कि उत्तर प्रदेश में भाजपा जो कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव (loksabha election) में अकेले दम पर 62 सीट में जितने में कामयाब हुई थी वही भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन के सामने मात्र 33 सीटें ही जीत पाई कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश से एनडीए को 36 सीटों से ही संतोष करना पड़ा है।

Congress Party Will Help Mayawati

साल 2014 लोकसभा चुनाव (loksabha election) की बात करें तो उसमें भी बहुजन समाज पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली थी, 2014 की ही स्थित बसपा के लिए एक बार फिर 2024 में हो गई है, 2019 के लोकसभा चुनाव में 10 सीटें जीतने वाली बसपा का इस बार एक बार फिर से खाता नहीं खुला है।

बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में क्या होगा मायावती का फैसला

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का कांग्रेस के आमंत्रण पर क्या विचार होगा यह देखने योग्य होगा और उत्तर प्रदेश में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही बसपा के सामने मौजूदा वक्त में एक सबसे बड़ी चुनौती यह भी है कि 2019 के लोकसभा चुनाव (loksabha election) में भारतीय जनता पार्टी के बाद लोकसभा में संख्या बल के आधार पर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी।

जो कि अब एक बार फिर से शून्य पर है ऐसी परिवर्तित राजनीतिक परिस्थितियों में बसपा सुप्रीमो मायावती की रणनीति क्या होगी इस पर सभी की निगाहें होंगी, कांग्रेस ने मायावती को INDIA ब्लॉक में शामिल होने का न्योता तो दे दिया है किंतु उत्तर प्रदेश में INDIA ब्लॉक में बड़े भाई की भूमिका में मौजूद समाजवादी पार्टी और उनके मुखिया अखिलेश यादव का इस पर क्या रुख रहता है यह भी देखना दिलचस्प होगा।

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