होममनोरंजनआज है बॉलीवुड के 'मोगेम्बो' की बर्थ एनिवर्सरी

आज है बॉलीवुड के ‘मोगेम्बो’ की बर्थ एनिवर्सरी

बॉलीवुड में जब भी खलनायक की बात होती है तो सबसे पहले नाम अमरीश पुरी (Amrish Puri) का आता है। इन्होंने अपने हर किरदार को इतने बेहतरीन तरीके से निभाया है कि सब इनको रियल में विलन समझने लगे थे, पर असल जिंदगी में ये बहुत अच्छे इंसान थे।

अमरीश पुरी का जन्म 22 जून 1932 को पंजाब में हुआ था। यह सही तरीके से फिल्मी दुनिया में तब आए जब यह 39 साल के थे। आज इनकी 92वी बर्थ एनिवर्सरी है। भले ही अमरीश पुरी आज हमारे बीच नहीं है लेकिन इन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी ऐसी छाप छोड़ी है जिससे इन्हें कोई भूल ही नहीं सकता।

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इनकी दमदार आवाज बेखौफ खलनायक का अंदाज हर कोई इनकी एक्टिंग का दीवाना था। आज भी किसी खलनायक के एग्जांपल में सबसे पहला नाम अमरीश पुरी (Amrish Puri) का ही आता है। इनके डायलॉग को बोलने का तरीका इतना मजेदार था कि आज भी इनके कई डायलॉग बहुत फेमस है और सबको याद है जैसे ‘मोगेम्बो खुश हुआ‘।

अमरीश पुरी (Amrish Puri) की फिल्मी करियर की शुरूआत

amrish puri

साल 1970 में देव आनंद की फिल्म ‘प्रेम पुजारी‘ में एक नया चेहरा देखने को मिला था। इसमें अमरीश पुरी का कुछ खास रोल नहीं था लेकिन इस मूवी के बाद इन्हें बॉलीवुड में काम मिलने लगा था।

फिल्मों के लिए सरकारी नौकरी छोड़ी थी

अमरीश पुरी (Amrish Puri) एक्टिंग के प्रति इतने जुनूनी थे की इन्हें अपने काम के सिवा कुछ नहीं दिखता था। इन्होंने अच्छी खासी सरकारी नौकरी भी छोड़ दी थी। आज बॉलीवुड इंडस्ट्री में अमरीश पुरी जैसे खलनायक देखने को नहीं मिलेंगे।

खलनायक के रोल ने दिलाई असली पहचान

वैसे तो इन्होंने हर रोल को बहुत अच्छे से निभाया है, जैसे ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ में यह एक सख्त पिता का रोल निभाते नजर आए थे। इनके इस आईकॉनिक रोल को आज भी याद किया जाता है।

amrish puri

पर इन्हें असली पहचान खलनायक के रूप में मिली इनकी आवाज इनके एक्सप्रेशन सभी कमाल के थे जैसे नगीना के भैरवनाथ, मिस्टर इंडिया के मोगेम्बो, करण अर्जुन के ठाकुर। इन्होंने अपने किरदार से सबके अंदर इतना खौफ पैदा कर दिया था कि सब इन्हें रियल में ही विलन समझने लगे थे।

मोगेम्बो को मिली थी बहुत तारीफ

मिस्टर इंडिया मूवी में अमरीश पुरी (Amrish Puri) मोगेम्बो के रोल के लिए पहली पसंद नहीं थे। अनुपम खेर इस रोल को निभा रहे थे यहां तक की अनुपम खेर ने 60% शूटिंग कंप्लीट भी कर ली थी, पर मेकर्स को अनुपम खेर में वह बात नहीं लगी। इसलिए फिर अमरीश पुरी ने यह रोल किया और इतिहास रच दिया था।

amrish puri villan role

मोगेम्बो के किरदार में वह इतने खो गए थे कि शूटिंग के दौरान इन्होंने 20 दिनों तक सूरज की रोशनी नहीं देखी थी। इन्होंने मोगेम्बो का कॉस्ट्यूम भी खुद ही डिजाइन करवाया था।

सिर्फ खलनायक नही हर तरह के चरित्र में जान डाल देते थे

वो फिल्में जिसमें अमरीश पुरी (Amrish Puri) के अच्छे चरित्र ने कायम की थी मिसाल जैसे घातक मूवी में इन्होंने सनी देओल के बाबू जी का अभिनय किया था। जिसमे इन्हे कैंसर जैसी बड़ी बीमारी होती है लेकिन इसके बाद भी ये अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करते और सनी देओल को भी यही सिखाते हैं।

amrish puri villan role

इनका इस मूवी एक फेमस डायलॉग है – ‘इनके अंदर बैठा कातिया का डर मेरे कैंसर से भी घातक हैं’ इस डायलॉग से लोगो के मन में अलग ही जुनून देखने को मिलता है।

परदेश मूवी में अमरीश पुरी (Amrish Puri) ने एनआरआई किशन लाल का अभिनय किया था, जो इंडिया में अपने बेटे के लिए बहु ढूंढने आते है और अपनी बहु को बेटी समझते है। इस मूवी में इनका बहुत अहम रोल था।

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