होमसमाचारसाक्षी महाराज लगा पाएंगे हैट-ट्रिक या अनु टण्डन को मिलेगी दूसरी जीत?

साक्षी महाराज लगा पाएंगे हैट-ट्रिक या अनु टण्डन को मिलेगी दूसरी जीत?

Unnao उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में से एक है यह जिला गंगा और सई नदियों के बीच स्थित है। इसके उत्तर में लखनऊ तो दक्षिण में कानपुर नगर है। यह जिला इतिहास, साहित्य, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए लोकप्रिय रहा है। उन्नाव जिले में एक लोकसभा और 6 विधानसभा की सीट है। उन्नाव जिले में कुल 6 तहसील है- उन्नाव, हसनगंज, सफीपुर, पुरवा, बीघापुर और बांगरमऊ हैं !

स्वतंत्रता संग्राम में उन्नाव ने कई क्रांतिकारी दिए। इनमें राजा राव राम बक्स सिंह, मौलाना असरत मोहानी, राम बेनी माधव, पीडी, विशाम्बर दयाल त्रिपाठी आदि प्रमुख हैं। जाने माने साहित्यकार प्रताप नारायण मिश्रा, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’, मौलाना हसरत मोहानी, नंद दुलारे बाजपेयी, सुमित्रा कुमारी सिन्हा, चंद्र भूषण त्रिवेदी, डॉ राम विलास शर्मा, भगवती चरण मिश्रा, प्रताप नारायण मिश्रा और शिव मंगल सिंह ‘सुमन’ आदि इसी धरती पर पैदा हुए है। ऐसे महापुरुषों की धरती उन्नाव की आज हम बात करेंगे बात करेंगे उन्नाव के सियासी इतिहास और वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य की!

विधानसभा सीटें

उन्नाव लोकसभा के अंतर्गत उन्नाव सदर, पुरवा, भगवंत नगर , मोहान , सफीपुर और बांगरमऊ कुल छः विधानसभा सीटें हैं

कुल मतदाता

कुल 23,34,196 मतदाता उन्नाव लोकसभा सीट में कुल 23,34,196 मतदाता हैं। जिसमें पुरुष वोटरों की संख्या कि 12,39,723 और महिला वोटरों की संख्या 10,94,371 है। उन्नाव लोकसभा सीट में कुल 6 विधानसभा है । सभी विधानसभा सीटें ग्रामीण क्षत्रीय हैं।

जातीय समीकरण

उन्नाव में जातिगत समीकरण की बात की जाए तो यहां सबसे ज्यादा वोट लोधी मतदाताओं के है इसके साथ ही बड़ी संख्या में ओबीसी और मुस्लिम वोटर हैं। सभी राजनितिक दलों की नजरें इन्हीं वोटरों पर टिकी रहती हैं।

क्योंकि उपरोक्त जातियों के मतदाता ही निर्णायक भूमिका में है !

अधिकांशतः पंजा तो कभी कमल रहा काबिज

उन्नाव लोकसभा सीट से अभी तक समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी एक बार ही चुनाव जीत पाई है। इसके अलावा 1952 से लेकर 2019 से केवल कांग्रेस और बीजेपी के उम्मीदवार ही चुनाव जीतते हैं !

निरंतर दो बार से सांसद हैं साक्षी

वर्तमान में उन्नाव लोकसभा सीट से साक्षी महाराज सांसद है वह लगातार दूसरी बार यहां के सांसद बने हैं। हर बार इन्होंने अपना ही रिकार्ड तोड़ा और भारी मतों से विजयी घोषित हुए हैं। साक्षी महाराज को 2014 के चुनाव में 518834 मत मिले तो 2019 के लोकसभा चुनाव में 703507 मत प्राप्त हुए थे ।

कब किस दल को मिली विजयश्री

उन्नाव लोकसभा सीट से सन् 1952 और 1957 में कांग्रेस के टिकट पर विश्वंभर दयाल त्रिपाठी, 1960 के उप चुनाव में कांग्रेस के लीलाधर अस्थाना, 1962 और 1967 में कांग्रेस से कृष्ण देव त्रिपाठी, 1971 में कांग्रेस के ही जियाउर रहमान अंसारी उन्नाव लोकसभा से सांसद चुने गए तो वहीं 1977 में इस रवायत को रोकते हुए जनता पार्टी के राघवेंद्र सिंह ने जीत हासिल की !

1980 और 1984 में फिर से इस सीट से कांग्रेस के जियाउर रहमान अंसारी को जनता ने मौका दिया फिर 1989 में जनता दल के अनवर अहमद सांसद बने इसके बाद इस सीट पर लगातार तीन बार भगवा लहराया 1991, 1996 और 1998 भारतीय जनता पार्टी के देवीबख्श सिंह ने जीत दर्ज की तो वहीं उन्नाव लोकसभा के इतिहास में अब तक सिर्फ एक बार सन 1999 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर दीपक कुमार को जीत मिली है तथा अब तक इस सीट पर सिर्फ एक बार ही बसपा प्रत्याशी के रूप में 2004 ब्रजेश पाठक की जीत मिली है .

2009 में लंबे समय के बाद कांग्रेस की पुनः वापसी अनु टंडन ने कराई थी

और सन 2014 और 2019 में मोदी लहर पर सवार साक्षी महाराज को जीत मिली थी।

साक्षी महाराज और अनु टण्डन में मुकाबला

2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में प्रमुख राजनैतिक दलों की तरफ से अभी तक समाजवादी पार्टी ने अनु टंडन को अपना प्रत्याशी घोषित किया है, तो वहीं भारतीय जनता पार्टी ने साक्षी महाराज को ही एक बार फिर से मौका दिया है। इस प्रकार सपा और बीजेपी के बीच ही कांटे का मुकाबला देखने को मिल सकता है। यह चुनाव अनु टंडन और साक्षी महाराज दोनों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। जहां एक तरफ अनु टंडन को कांग्रेसी बैकग्राउंड और समाजवादियों का साथ है तो वही साक्षी महाराज भी मौजूदा सत्ता के कार्यों को जन-जन तक पहुंचाकर उन्नाव लोकसभा सीट से हैट-ट्रिक लगाने के लिए आतुर हैं !

किंतु इस लोक सभा सीट पर बसपा द्वारा अभी तक कोई उम्मीदवार नहीं उतारा गया है आने वाले समय में बसपा से प्रत्याशी कौन होता है और उसके बाद यहां का द्विध्रुवीय मुकाबला क्या द्विध्रुवीय ही रहता है या त्रिकोणीय भी हो सकता है!

अगर साक्षी महाराज तीसरी बार सांसद बने तो वह जीत की हैट-ट्रिक लगाएंगे। वहीं सपा की उम्मीदवार अनु टंडन साक्षी महाराज की हैट्रिक न लगने पाए इसके लिए कड़ी मेहनत करती चली आ रही हैं। अनु टंडन को भरोसा है कि जिले की जनता उन्हें इस बार जरूर मौका देगी और उन्हें उन्नाव का प्रतिनिधित्व सौंपेगी ।

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