Wednesday, April 17, 2024
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बच्चो की स्टडी पर आईपीएल का पड़ रहा नकारात्मक प्रभाव

ऐसा माना जाता है कि बचपन में हम जो आदतें सीखते हैं, उनका अनुसरण जीवनभर करते रहते है। आजकल बच्चों में बाहर खेलने की जगह घंटों एक जगह बैठकर टीवी पर आईपीएल देखने की लत ने माँ बाप को परेशान कर रखा है। हाल ही में हुई किसान सत्ता ने एक स्टडी में पाया कि छोटी उम्र में ज्यादा टीवी देखने से बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर असर पड़ रहा है। लखनऊ के बहुत सारे परिवार से बातचीत के दौरान यह पता चला कि परीक्षा के बाद स्कूल खुलने पर बच्चे का मन होम वर्क में नहीं लग रहा है क्योकि आईपीएल देखने में एक ज्यादा समय चला जा रहा है गोमती नगर निवासी नीतू पांडेय ने बताया की, आईपीएल का समय साढ़े सात बजे से है जिसको देखने के लिए उनका लड़का जल्दी जल्दी होम वर्क करता है और उसमे बहुत गलतियां रहती है। बकौल नीतू बच्चे को डांटना भी अच्छा नहीं लगता लेकिन यह रोज रोज का हो गया है, और सबसे बड़ी बात यह जून तक चलेगा, ऐसी परिस्थिति में समझ में नहीं आ रहा क्या करे । ऐसी ही कुछ समस्या इंद्रा नगर सेक्टर १२ में रहने वाली नीलम तिवारी का है, उनका भी यही कहना है की लड़का पांचवी क्लास में पहुंच गया है क्रिकेट की लत ऐसी की ३ से ६ बजे तक पार्क में खेलता है फिर रात को ११ बजे तक आईपीएल देखता है जिससे उसकी पढ़ाई पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है, डांटने पर भी घर का माहौल ख़राब हो जाता है उसकी ज़िद के आगे सबको हार माननी पड़ती है। अलीगंज निवासी पंकज की पत्नी का तो और बुरा हाल है उन्होंने अपने 9th के बेटे की ज़िद पर आईपीएल के लिए पर्सनल टीवी लगवा दिया,अब वह चिड़चिड़ा होने के साथ साथ ज़िद्दी भी होता जा रहा है । पेडियाट्रिक रिसर्च के मुताबिक छोटी उम्र में ही उनका एक पर्सनल टीवी दे दिया जाए तो इससे उनके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर क्या असर पड़ेगा. इस स्टडी में शोधकर्ताओं ने लगभग उन 1859 बच्चों का डेटा लिया जो 1997 से 1998 के बीच में पैदा हुए थे. इसके अवाला उन्होंने 13 साल तक के बच्चों की सेहत का भी एक अध्यन किया.इन बच्चो का बॉडी मास चेक किया गया, उनकी खाने की आदतों पर गौर किया गया और उनकी टीचर से उनके व्यवहार के बारे में जानकारी भी ली गई. बता दें, बच्चों की संगति भी उनके उनके व्यक्तित्व पर काफी प्रभाव डालती है, इसलिए उस पहलू को भी स्टडी का हिस्सा बनाया गया, इस व्यापक स्टडी के परिणाम बिल्कुल भी संतोषजनक नहीं दिखे । स्टडी के मुताबिक जिन घरों में लोगों ने अपने छोटे बच्चों के बेडरूम में उनके लिए एक पर्सनल टीवी लगा रखा है उन बच्चों के विकास पर गलत प्रभाव पड़ रहा था । उन बच्चों में भविष्य में हाई बीएमआई, जंक फूड की तरफ रुझान, डिप्रेशन आदि की समस्या देखी गई.

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